अपनी जन्म तारीख से मूलांक क ाफल जाने
मूलांक 1 से 9 तक की जानकारी अंक ज्योतिष (Numerology) पर आधारित होती है। इसमें मूलांक किसी व्यक्ति की जन्मतिथि (दिन) को जोड़कर प्राप्त किया जाता है। उदाहरण के लिए, अगर किसी का जन्म 14 तारीख को हुआ है, तो 1+4 = 5, अर्थात् उनका मूलांक 5 होगा।
नीचे मूलांक 1 से 9 तक के स्वामी ग्रह, स्वभाव और उपाय दिए जा रहे हैं:
🌞 मूलांक 1 — सूर्य
स्वामी ग्रह: सूर्य
स्वभाव: आत्मविश्वासी, नेतृत्व क्षमता, महत्वाकांक्षी, हठी, कभी-कभी अहंकारी
उपाय:
तांबे के पात्र में जल भरकर सूर्य को अर्घ्य दें।
रविवार को व्रत रखें।
आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
सेवा में नम्रता लाएं।
🌙 मूलांक 2 — चंद्रमा
स्वामी ग्रह: चंद्रमा
स्वभाव: भावुक, कल्पनाशील, कलाप्रेमी, सहृदय, अस्थिर मन
उपाय:
सोमवार का व्रत रखें।
शिव चालीसा या चंद्र स्तोत्र पढ़ें।
चंद्रमा को कच्चे दूध का अर्घ्य दें।
मोती या चंद्र related वस्तुएँ धारण करें।
🔥 मूलांक 3 — बृहस्पति (गुरु)
स्वामी ग्रह: गुरु
स्वभाव: ज्ञानी, धार्मिक, शिक्षक प्रवृत्ति, मर्यादित, सामाजिक
उपाय:
गुरुवार का व्रत करें।
पीले वस्त्र धारण करें।
विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें।
गुरुओं और बुजुर्गों का आदर करें।
🔥 मूलांक 4 — राहु
स्वामी ग्रह: राहु
स्वभाव: क्रांतिकारी विचार, अलग सोच, उथल-पुथल भरा जीवन, प्रयोगधर्मी
उपाय:
शनिवार को राहु मंत्र का जाप करें।
नारियल बहते जल में प्रवाहित करें।
सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
सोच में स्थिरता लाएं।
🔥 मूलांक 5 — बुध
स्वामी ग्रह: बुध
स्वभाव: बुद्धिमान, वार्तालाप में दक्ष, व्यापारिक दिमाग, चंचल
उपाय:
बुधवार को हरी मूंग दान करें।
गणेशजी की पूजा करें।
बुध बीज मंत्र का जाप करें: “ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः”
मन की स्थिरता का अभ्यास करें।
🔥 मूलांक 6 — शुक्र
स्वामी ग्रह: शुक्र
स्वभाव: विलासप्रिय, सौंदर्य प्रेमी, कला-प्रेमी, आकर्षक व्यक्तित्व
उपाय:
शुक्रवार को दान करें — सुहाग सामग्री, सफेद चीजें।
दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
शुक्र बीज मंत्र जपें: “ॐ शुं शुक्राय नमः”
संयम व सदाचार अपनाएं।
🔥 मूलांक 7 — केतु
स्वामी ग्रह: केतु
स्वभाव: आध्यात्मिक, रहस्यमयी, अंतर्मुखी, शोधकर्ता
उपाय:
मंगलवार को केतु के मंत्र जपें: “ॐ स्त्रां स्त्रीं स्त्रौं सः केतवे नमः”
कुत्ते को रोटी खिलाएं।
ध्यान और साधना करें।
अवसाद व अकेलेपन से बचें।
🔥 मूलांक 8 — शनि
स्वामी ग्रह: शनि
स्वभाव: परिश्रमी, अनुशासित, न्यायप्रिय, धीमी प्रगति, आत्मनिरीक्षण
उपाय:
शनिवार को शनिदेव को तेल चढ़ाएं।
गरीबों को काले वस्त्र और तिल दान करें।
शनि स्तोत्र पढ़ें — “दशरथकृत शनि स्तोत्र”
धैर्य और माफ करने की भावना रखें।
🔥 मूलांक 9 — मंगल
स्वामी ग्रह: मंगल
स्वभाव: साहसी, योद्धा स्वभाव, गुस्सैल, ऊर्जा से भरपूर, अधिकारी प्रवृत्ति
उपाय:
मंगलवार को हनुमानजी को चोला चढ़ाएं।
लाल मसूर की दाल दान करें।
"ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः" मंत्र का जाप करें।
क्रोध पर नियंत्रण रखें।
नीचे मूलांक 1 से 9 तक के स्वामी ग्रह, स्वभाव और उपाय दिए जा रहे हैं:
🌞 मूलांक 1 — सूर्य
स्वामी ग्रह: सूर्य
स्वभाव: आत्मविश्वासी, नेतृत्व क्षमता, महत्वाकांक्षी, हठी, कभी-कभी अहंकारी
उपाय:
तांबे के पात्र में जल भरकर सूर्य को अर्घ्य दें।
रविवार को व्रत रखें।
आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
सेवा में नम्रता लाएं।
🌙 मूलांक 2 — चंद्रमा
स्वामी ग्रह: चंद्रमा
स्वभाव: भावुक, कल्पनाशील, कलाप्रेमी, सहृदय, अस्थिर मन
उपाय:
सोमवार का व्रत रखें।
शिव चालीसा या चंद्र स्तोत्र पढ़ें।
चंद्रमा को कच्चे दूध का अर्घ्य दें।
मोती या चंद्र related वस्तुएँ धारण करें।
🔥 मूलांक 3 — बृहस्पति (गुरु)
स्वामी ग्रह: गुरु
स्वभाव: ज्ञानी, धार्मिक, शिक्षक प्रवृत्ति, मर्यादित, सामाजिक
उपाय:
गुरुवार का व्रत करें।
पीले वस्त्र धारण करें।
विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें।
गुरुओं और बुजुर्गों का आदर करें।
🔥 मूलांक 4 — राहु
स्वामी ग्रह: राहु
स्वभाव: क्रांतिकारी विचार, अलग सोच, उथल-पुथल भरा जीवन, प्रयोगधर्मी
उपाय:
शनिवार को राहु मंत्र का जाप करें।
नारियल बहते जल में प्रवाहित करें।
सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
सोच में स्थिरता लाएं।
🔥 मूलांक 5 — बुध
स्वामी ग्रह: बुध
स्वभाव: बुद्धिमान, वार्तालाप में दक्ष, व्यापारिक दिमाग, चंचल
उपाय:
बुधवार को हरी मूंग दान करें।
गणेशजी की पूजा करें।
बुध बीज मंत्र का जाप करें: “ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः”
मन की स्थिरता का अभ्यास करें।
🔥 मूलांक 6 — शुक्र
स्वामी ग्रह: शुक्र
स्वभाव: विलासप्रिय, सौंदर्य प्रेमी, कला-प्रेमी, आकर्षक व्यक्तित्व
उपाय:
शुक्रवार को दान करें — सुहाग सामग्री, सफेद चीजें।
दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
शुक्र बीज मंत्र जपें: “ॐ शुं शुक्राय नमः”
संयम व सदाचार अपनाएं।
🔥 मूलांक 7 — केतु
स्वामी ग्रह: केतु
स्वभाव: आध्यात्मिक, रहस्यमयी, अंतर्मुखी, शोधकर्ता
उपाय:
मंगलवार को केतु के मंत्र जपें: “ॐ स्त्रां स्त्रीं स्त्रौं सः केतवे नमः”
कुत्ते को रोटी खिलाएं।
ध्यान और साधना करें।
अवसाद व अकेलेपन से बचें।
🔥 मूलांक 8 — शनि
स्वामी ग्रह: शनि
स्वभाव: परिश्रमी, अनुशासित, न्यायप्रिय, धीमी प्रगति, आत्मनिरीक्षण
उपाय:
शनिवार को शनिदेव को तेल चढ़ाएं।
गरीबों को काले वस्त्र और तिल दान करें।
शनि स्तोत्र पढ़ें — “दशरथकृत शनि स्तोत्र”
धैर्य और माफ करने की भावना रखें।
🔥 मूलांक 9 — मंगल
स्वामी ग्रह: मंगल
स्वभाव: साहसी, योद्धा स्वभाव, गुस्सैल, ऊर्जा से भरपूर, अधिकारी प्रवृत्ति
उपाय:
मंगलवार को हनुमानजी को चोला चढ़ाएं।
लाल मसूर की दाल दान करें।
"ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः" मंत्र का जाप करें।
क्रोध पर नियंत्रण रखें।
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