एक मुखी रुद्राक्ष - धारण करने से स्त्री संबंधी रोग ह्रदय रोग त्वचा रोग तथा उधर संबंधी रोगों की शांति में सहायक है दो मुखी रुद्राक्ष - मस्तिष्क गुर्दा फेफड़े एवं पाचन तंत्र ...
निम्न मंत्र का यदि संभव हो तो सवा लाख जाप करें अन्यथा प्रतिदिन 7 बार मंत्र से तर्पण करने से कुछ समय में कार्य सफल हो जाते हैं विनियोग-ओम अस्य श्री गंधर्व राज विश्वावसु गंधर्...
रविवार के दिन पुत्रजीवा बूटी तथा शिवलिंगी बूटी को जड़ डाली तथा पत्तों सहित उखाड़ लाएं फिर एक वर्ण वाली गाय के दूध के साथ उसे कुमारी के द्वारा पिसबा कर एक ही वर्ष वाली गाय के ...
**उपाय नं.१- कुश की जड़ बिल्व का पंचांग (पत्र फूल फल लकड़ी जल )तथा सिंदूर इन सबका चूर्ण बनाकर चंदन की पीठिका पर नीचे लिखे मंत्र को लिखें , तदनंतर पंचोपचार से पूजन करें गोघृत के द्...